Shambhavjin Pyara - Shambhavnath Bhagvan Stavan

संभवजिन प्यारा संभवजिन प्यारा

सेवक नयणे निहालो प्यारा 

संभवजिन प्यारा

संभवजिन प्यारा संभवजिन प्यारा

 


अधम उद्धारक बिरूद तुमारूं 

श्रवणे सुण्युं मैं आज रे ...2

अवर देवनो संग छोडीने ...2

हवे तो तुम शिरताज रे 

संभवजिन प्यारा संभवजिन प्यारा


लाख चौराशी योनिमां भटक्यो 

पाम्यो दु:ख अपार ...2

जन्म - मरणथी हुं गभराणो ...2

आव्यो तुम दरबार रे


संभवजिन प्यारा संभवजिन प्यारा

सेवक नयणे निहालो प्यारा

संभवजिन प्यारा 

संभवजिन प्यारा संभवजिन प्यारा

 


क्षायिक भावे ऋद्धि अनंती 

तुम पासे छे स्वामी ...2

ते आपी मुज दु:खडा कापो ...2

अर्ज करूं शिरनामी रे

संभवजिन प्यारा संभवजिन प्यारा


 

निकट भविने सौ कोई तारे 

तेमां शुं अधिकाई रे ...2

दुरभविने जो तुमे तारो ...2

तो तुज जस जगमांही रे

संभवजिन प्यारा संभवजिन प्यारा 

सेवक नयणे निहालो प्यारा

संभवजिन प्यारा


संभवजिन प्यारा संभवजिन प्यारा

वीर्य उल्लास थये नवचेतन 

आलंबन ग्रहे तारूं रे ...2

रंगविमल मुनि शुभयोगे ...2

तेम तोडे मोह अंधारूं रे

संभवजिन प्यारा संभवजिन प्यारा


सेवक नयणे निहालो प्यारा

संभवजिन प्यारा 

संभवजिन प्यारा संभवजिन प्यारा ...4


 रचना - पूज्य श्री रंगविमल जी महाराज

 प्रतिक्रमण चैत्यवंदन में बोल सकते हैं

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