Raivatgiri No Dundar Vhalo Lage
रैवतगिरि नो डुंगर व्हालो लागे मोरा राजिंदा
उज्जयंतगिरि नो डुंगर व्हालो लागे मोरा राजिंदा
ईण रे डुंगरीये जिन अनंता सिध्या (२ बार)
व्रत-केवळ-वळी पाया मोरा राजिंदा
रैवतगिरी नो डुंगर…
गत चोवीसी सागर जिन काळे (२ बार)
पडिमा ईन्द्र भरावे मोरा राजिंदा
रैवतगिरी नो डुंगर…
श्यामल वर्ण नेमिवर सोहे (२ बार)
मुखडुँ देखी मन मोहे मोरा राजिंदा
रैवतगिरी नो डुंगर…
पहेली टूंके चौद चैत्य सोहे (२ बार)
दर्शन निरमल होवे मोरा राजिंदा
रैवतगिरी नो डुंगर…
सहसावने नेमि दिक्ख नाण होवे (२ बार)
गढ पंचम मुक्ति पावो मोरा राजिंदा
रैवतगिरी नो डुंगर…
ईण रे आलंबन कृष्ण जिनपद पामे (२ बार)
थाशे अमम जिन नामे मोरा राजिंदा
रैवतगिरी नो डुंगर…
हेमवल्लभ वदे गिरि नीत व्यावो (२ बार)
भव चोथे शिव पावो मोरा राजिंदा
रैवतगिरी नो डुंगर…
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें