Girnar Ke Nivasi Namu Bar Lyrics Jain Stavan गिरनार के निवासी नमुं बार बार हुं

Girnar Ke Nivasi Namu Bar Jain Stavan Lyrics 

गिरनार के निवासी नमुं बार बार हुं

आयो शरण तिहार प्रभु तार तार तुं
गिरनार के निवासी…

करुणका है समंदर तेरी निगाहमें
आते ही शांति पाते तेरी पनाह में
ब्रह्मधार सदाचार निर्विकार तुं
आयो शरण…

पशुओकी पोकार सुनी सिर्फ एकबार
छुडा के बंध उनके तुने छोड दिया संसार
एकबार नेमकुमार सुन पुकारतुं
आयो शरण…

बेठे थे जैसे राजुल के आत्म कमलमे
वैसे ही बेठ जाना हमारे जीवनमें
सेवककी अरज सुणी तुं उगारातुं
आयो शरण…

टिप्पणियाँ