Hu Karu Vinanti Maa Aapne
हुं करुं विनंती मा आपने,
के सुधारजो मारी मति,
माँ सरस्वती, मा भगवती.. (२ वार)
वाम अंगे विणा धारती,
कर पुस्तक माळा शोभती,
शोहे सवारीणी हंसिणी,
श्रुतज्ञाननी छो अधिपति,
माँ सरस्वती मा भगवती.. (२ वार)
देव वृंद तमोने सदा नमे,
तव नाम मन रमणे रमे,
करूणामयी भवतारिणी,
मुज मन तिमिर ने तारती,
माँ सरस्वती मा भगवती.. (२ वार)
घटघट तमारो मा वास छे,
तुम दृष्टिथी अजवास छे,
सेवे मलय चरणो सदां,
अज्ञानता ने निवारति,
माँ सरस्वती मा भगवती.. (२ वार)
हुं करूं विनंति मा आपने ,
के सुधारजो मारी मति,
माँ सरस्वति मा भगवती.. (३ वार)
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