Jain Stavan Lyrics Jogi thaine chalya Nemkumar
दुहो : वादळथी वातो करे , ऊंचो गढ गिरनार ,
पावन थई डोली रह्यो , ज्यारे आव्या नेमकुमार . . .
राजुल आवी साथमा छोडी सकल संसार ,
अमर कहानी प्रेमनी गाइ रह्यो गिरनार . .
जोगी बनीने चाल्या नेमकुमार ,
धन्य बन्यो रे पेलो गढ गिरनार ,
विचरे ज्यां विश्वना तारणहार ,
धन्य बन्यो रे पेलो गढ गिरनार . . . 1
जेने जग कल्याणनी लागी लगन ,
जीवननी साधनामां मनई मगन ,
अंतरमा प्रगटे छे प्रीतनी अगन ,
आतम उडे छे एनो ऊंचे गगन ( 2 ) ,
वायरमां वहेली वसंती बहार . . . 2
एना प्राणमांथी प्रसरे छे एवो प्रकाश ,
उजाळी दीधा छे धरती आकाश ,
भवोभवनी प्रीतडीनो बांध्यो छे पाश ,
पूरी छे राजुलना अंतरनी आश ( 2 ) ,
मोक्षे सिधाव्या राजुल नेमकुमार . . . 3
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