Jain Stavan Lyrics Jay Jay Garvo Girnar
( राग : जय जय गरवी गुजरात )
हे . . . नेम प्रभुना पान पगले थयो , धन्य पेलो गिरनार ,
जय गिरनार . . . जय गिरनार . . . जय जय गरवो गिरनार . . .
जय जय गरवो गिरनार , जय जय गरवो गिरनार ,
नेमनाथ गिरी शणगार , जय जय गरवो गिरनार ,
वंदन वंदन वंदन वंदन , गिरनार तने वंदन ,
वंदन वंदन वंदन वंदन , नेमिनाथ तने वंदन . . .
पंचम शिखर शत्रुजय तणु ए , सिद्धगिरी छे धाम ,
कैलास उज्जयंत रैवत नंदभद्र स्वर्णगिरी गिरनार ,
नमो कर्ण विहार प्रासाद , जय जय गरवो गिरनार ( 2 ) . . . 1
ज्यां शोभे अंबिका मां , शासन ने सदा सुखकार ,
भावे प्रणमुं श्री नेमि जिनेश्वर गिरी भुषण शणगार ,
पृथ्वी ना तिलक समान , जय जय गरवो गिरनार ( 2 ) . . 2
छे अनंत आत्मा ओ तणी , दिक्षा भुमी गिरनार ,
छे अनंत तीर्थंकरो तणी , कैवल्य भुमी गिरनार ,
ने आवती चोवीसी तणी , निर्वाणभुमी गिरनार ,
अध्यात्म नगरी गिरनार , जय जय गरवो गिरनार ( 2 ) . . . 3
चौदह हजार नदी ना ज्यां जल समाया , शीतल गज पद कुंड ,
ज्यां दृष्टि अणुभवे धन्यता जोई , राजुल रहनेमि टुंक ,
दिक्षा केवल सहसावने , नमो समवसरण जिनबिंब ,
दिपे शिखरो नी माळ , जय जय गरवो गिरनार ( 2 ) . . . . 4
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