Saiyam suvash lai
संयम सुवास लाई
( राग : रंगी परोढ़ आई )
संयम सुवास लाई , उमंग अंग लाई ,
हरखाये हैयूं गाय . . . गाय . . . .
उत्सवना रंगो रेलाय
भाव हैये उभराय ,
आतमा सौनो घेलो थाय ,
गाय . . . गाय . . . गाय . . . गाय . . . 1
आज हमारे जिनशासन में ,
आनंद की घड़ी आई
भारत की धरती पे गूंजे
संयम की शहनाई ,
बीज धरम का सबके दिल में , हमको पाना है ,
अपने दिल के सब करमको आज धोना है ,
इस जीवन में विरतिधारी , हमको होना है शहनाई . . . 2
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