Ho gurusa tharo chelo banu me - हो ! गुरूसा ! थारो चैलो बनुं में

Ho gurusa tharo chelo banu me

हो ! गुरूसा ! थारो चैलो बनुं में 


हो गुरुसा ! थारो चेलो बनुॅ मैं ( 2 ) , 
हर पल तेरे साथ रहुं मै . . . 

पहेला ऋषभदेव जिनजी ने वोंदु ( 2 ) , 
चौवीसमां महावीर स्वामी देवन को , हर पल तेरे साथ रहुं मैं , 
श्रावणका महिना होगा , उसमें होगी राखी ( 2 ) , 
हो . . . राखी तेरी डोर बनूं मैं , हाँ थारी डोर बनूं मैं . . . हरपल तेरे . . . 1 

अनंत चौवीसीने नित उठी वोंदु ( 2 ) 
के वीश वीहरमान देवन को , हरपल तेरे साथ रहुं मैं , 
भादरवा महिना होगा , उसमें होगी बारिश ( 2 ) , 
हो बादल तेरी बूंद बनुं मैं , हां थारी बूँद बनुं मैं . . . हरपल तेरे . . . 2 

ग्यारा गणधर जिनजीने वोंदु ( 2 ) , 
हे तरणतारण गुरु देवन को हरपल तेरे साथ रहूँ मैं , 
कार्तिक का महिना होगा , उसमें होगी दिवाली ( 2 ) , 
हो दीपक तेरी ज्योत बनूँ मैं , हा थारी ज्योत बनूँ मैं . . . हरपल तेरे . . . 3

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