Guruvar Na Pavan Charnon Ma Jain Diksha Geet
गुरुवरना पावन चरणोंमा जैन दीक्षा गीत
( राग : जिनदर तारं शासन . . . )
गुरुवरना पावन चरणोंमा रहेवुं छे ,
गुरुना हाथे मारे संयमलेवुं छे ,
गुरु मुज शक्ति छे , गुरु मुज भाकित छे ,
गुरु मुज प्राणाधार , गुरु थी मुक्ति छे ,
गुरु आज्ञा मोक्ष छे , शास्त्रोनुं बचन छे ,
गुरु मारी साधना , गुरुने नमन छे . . . .
गुरु गुण पामी , गुणवान बनवु छे ,
इशारे चाली , विनयवान बनवुं छे ,
विनय गुणना साधक गौतम जेवा बनवुं छे ,
गुरु मारा त्यागी छे , गुरु वैरागी छे ,
जिनशासनना साचा अनुरागी छे... 1
अवध्य कारण मोक्षनु , गुरु बहुमान छे ,
हृदय सिंहासन पर , गुरुनुं स्थान छे ,
श्रद्धा राखी हैये ये एकलब्य महान छे ,
गुरु मारा ज्ञानी छे , गुरु मारा ध्यानी छे,
प्रभुना गुणोनी महिमा गुरुथी ज जाणी छे... 2
जीवन समर्पण , गुरुने करवु छे ,
इच्छाने त्यागी , गुरुने अनुसरवुं , छे ,
गुरुनी भक्ति करतां करतां शिव संचरतुं छे ,
गुरु मारो दिवस छे , गुरु मारी रात छे ,
गुरुनी कृपाथी थाय , जीवनमा प्रभात छे ... 3
मोहने तोडी , निर्मोही बनवु छे ,
गुरुनी छायामां , गुरुमय बनवू छे ,
गुरुना शक्तिपातने पामी , निपुण बनवू छे ,
गुरुवर जयन्त छे , मारा भगवंत छे ,
सदा जयवंत छे , गुरुवर जयन्त छे ... 4
पू . मुनि श्री निपुणरत्न वि . म . सा .
( त्रिस्तुतिक समुदाय )
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