🌹 जैन की परिभाषा 🌹
--------------------------------
🌴🌴 आगम वाणी 🌴 प्रतिक्रमण सूत्र 🌴🌴
🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱
प्रश्न :- जैन किसे कहते है ?
उत्तर :- जो जिनेश्वर भगवान और आगम पर पूर्ण श्रद्धा-विश्वास रखें और उसके अनुसार जीवन जीने का प्रयास करें।
🌹👉 जो सुदेव, सुगुरु और सुधर्म के प्रति दृढ़ आस्था, भक्ति, श्रद्धा रखने वाला हो। उनकी आज्ञा का पालन करने वाला हो।
🌷🌸👉 अब आपका प्रश्र होगा कि सुदेव, सुगुरु, और सुधर्म की पहचान क्या है ?
🌹🌷👉 सुदेव :- देव दो प्रकार के होते है :- १) लौकिक और २) लोकोत्तर।
🌷🌸👉 लौकिक देव:- जो कनक और कामिनी के भोगी होते है, हथियार रखने वाले होते है, चमत्कार करने वाले होते है और लोगों को अपना भक्त बनाने वाले होते है।
🌺🌸👉 लोकोत्तर देव :- जो सर्वज्ञ-सर्वश्दर्शी, राग-द्वेष के विजेता, कनक-कामिनी के त्यागी, जीव को मोक्ष का मार्ग बताने वाले और सभी जीवों को अपने जैसा बनाने वाले होते है।
🌹🌸👉 सुगुरु :- जिनेश्वर भगवान ने जो आज्ञा फरमाई है उसका शुद्ध पालन करने वाले, जंत्र, मंत्र और तंत्र तथा सावद्यकारी कार्यों से दूर रहने वाले, स्वयं मोक्षमार्ग पर चलने वाले और अपने संपर्क में आने वालों को भी भगवान के धर्म की प्ररेणा करने वाले सुगुरु कहलाते है।
🌸🌺👉 सुधर्म :- अहिंस प्रधान, सभी प्राणियों को अपने समान समझने वाला। सभी जीव जीना चाहते हैं, मरना कोई नहीं चाहता है, अतः जो धर्म प्राणी मात्र पर दया करने का उपदेश दे, वह सुधर्म कहलाता है।
🌻👉 विवेचन :- साधु हो या श्रावक सबको अपनी अपनी मर्यादा का पालन करना चाहिए। अतः हमें लोकोत्तर भगवान सुदेव, सुगुरु और सुधर्म को जानना, पहचाना और समझना चाहिए। सच्चे संत महात्माओं की सेवा, भक्ति और आदर करना चाहिए।
🌸🌷👉 अतः साधु हो या श्रावक जो भटके हुए है उन्हें सही मार्ग पर लाने का प्रयत्न साधु और श्रावक दोनों को करना चाहिए।
👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें