Dekho Jain Sant Chale Diksha Song देखो जैन संत चले

Dekho Jain Sant Chale Diksha Song  Lyrics

देखो जैन संत चले दीक्षा गीत

( राग : आ चल के तुझे हम लेके चले ) 

सांसों में उमंग , कदमों में तरंग , वीतराग के पंथ चले ,
संयम की सुंगध , मन में आनंद , देखो जैन संत चले . . . . 

जो ताप को भी तप समझे , संताप मे समता धारे , 
विषय को विष जो माने , भव और भाव को निखारे , 
ना वैर करे , ना राग रखे , वैराग मे पराग भरे , 
संयम की सुगंध , मन मे आनंद , देखो जैन संत चले . . . 1 

आहार में , स्वाद पे संयम , वाणी में , भाषा पे संयम , 
विचारों में , भावो पे संयम , नजरों में , विकारों पे संयम , 
संयम संयम , जिनवर के वचन , चित में , चिंतन में धरे , 
संयम की सुगंध , मन में आनंद , देखो जैन संत चले . . . 2 

ये संत है सागर जैसे , गुणरत्न जिसमें समाए , 
रश्मि रत्नों की पाकर , धीरज बढ़ता ही जाये , 
विक्रम बनते , इतिहास रचे , कहे प्रदीप ये संत भले , 
संयम की सुगंध , मन मे आनंद . देखो जैन संत चले . . . 3  

प्रदीपजी ढालावत
मुबई

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