Saiyam saiyam sayam
संयम संयम संयम
( राग : चंदनिया रुक जाना रे . . . )
संयम संयम संयम , प्यारा लागे संयम
हँसते हुए कर दो विदा , पलके न देना भीगा . . . .
माता - पिता , स्नेही स्वजन , लागी मुझे लागी लगन ,
संयम के पथ मैं जाऊँ , गुरुदेव से मैं पाऊँ रे . . . रजोहरण , संयम संयम संयम . . . 1
संसारी परिवार का , विरतिधर संसार का ,
जिऊ परहित मे जीवन , करु जीवदया पालन ,
कल्याण पथ मैं जाऊँ , गुरुदेव से मैं पाऊँ रे . . . रजोहरण ,
संयम संयम संयम . . . 2
आतम का श्रृंगार है , संयम कुल का सत्कार है ,
गुणों की माला संयम , ज्ञान का तिलक संयम ,
खुद को मैं सजाऊँ , गुरुदेव से मैं पाऊँ रे . . . रजोहरण ,
संयम संयम संयम . . . 3
सार्थक हो मेरी यात्रा , कर्मों की करुं निर्जरा ,
प्रभु से मिलन होवे , मुक्ति फल प्रदीप चाहे ,
जाते हुए खमाऊ , गुरुदेव से मैं पाऊँ रे . . . रजोहरण ,
संयम संयम संयम . . . 4
प्रदीपजी ढालावत
मुबई
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